Peaceful smile
बस ऑलमोस्ट निकलने ही वाली थी, तब मैं जल्दी जल्दी बस मे दौड़ कर चढ़ा, लेफ्ट साइड मे आगे से तीसरी विंडो सीट का मेरा रिजरवेशन था |
बट वहाँ एक लड़की पहले से बैठी हुई थी लेकिन उसके बगल वाली सीट खाली थी
, मैने उस लड़की को अपना टिकट दिखाते हुए बोला ये मेरी सीट हैं
उसने मेरी तरफ़ देखा और फिर बगल वाली सीट मे बैठ गई जो उसकी थी,
शायद वो कुछ कहना चाहती थी ऐसा उसके चेहरे से लग रहा था उसकी आंखे जहा तक यही कहना चाह रही थी मुझे विंडो साइड बैठने का मन हैं उसके कुछ ना बोलने का शायद एक ये रीज़न भी हो सकता हैं की मेरा चेहरा पसीने से भीगा हुआ था और काफ़ी सीरियस होकर उससे सीट के लिए बोला था
खैर मैने सीट के ऊपर ड्रार मे अपना बैग रखा और चेहरे के तरफ़ एसी करके बैठ गया
काफ़ी थका हुआ भी फील हो रहा था क्युकी पूरा दिन दोस्तो के साथ मस्ती जो की थी .
थोड़ी देर मे पसीना वगैरा सूखा, मैने पॉकेट से फोन निकाला और व्हॉट्सएप मे स्टेटस वगैरा देखने लगा,
कुछ टाईम मुझे नोटिस करने के बाद उसने अपने इयर फोन ऑफर किए, बोली सॉंग्स वगैरा सुनना हो तो ये लो
मैने मना कर दिया नही!,
फिर बोली मेरे पास एक्स्ट्रा इयर बड्स हैं सुनना हो तो ले सकते हो ।
लगभग 30-35 मिनट हो गए थे बस मे बैठे हुए, थोड़ी देर मैने अपने बैग से एक चिप्स का पैकेट निकाला, रैपर खोला लेकिन अकेले अकेले खाना अच्छा ना लगा
मैने पैकेट उसके तरफ़ बढाकर चिप्स ऑफर किए उसने थोड़ी सी स्माइल की और मुंडी हिला दी जिसका सीधा सीधा मतलब था नही
वैसे तो मेरी आदत नही हैं किसी से ज्यादा बात करने की लेकिन उस लड़की मे कुछ तो खास बात थी और उसके साथ बैठकर कोई स्ट्रेंजर वाली फील नही आ रही थी
मैं उससे कुछ पूछना तो नही चाहता था फिर भी ना चाहते हुए मुह से निकल ही गया,
चिप्स पसंद नही हैं या फिर अजनबी के वजह से ना बोल दिया?
उसने बिना कहे एक पीस निकाला और खाने लगी और बोली जैसे देखने मे लगते हो वैसे हो नही,
मैने तुरंत पूछा मतलब?
उसने स्माइल दी और चुप हो गई,
फिर से पूछा मतलब तो बताओ इसका?
हंसते हुए बोली देखने मे लगते हो काफ़ी रुड और क्रुएल टाइप हो बट अंदर से सॉफ्ट ऐंड कूल नेचर के हो
मैने उससे बोला तुम्हें क्या मालूम मैं किस तरह का हु
एक बात खास थी उसमें, वो हर बात मे एक प्यारी सी स्माइल करती थी और स्माइल ऐसी देख कर सारा दुख दूर हो जाये, गोरा गोल चेहरा बिल्कुल दुध जैसा सफ़ेद रंग बड़ी बड़ी आंखे बिल्कुल हल्का सा काजल लगा और एक बाल की लट जो माथे को चूमती हुई आंख के बगल मे गिर रही थी
कसम से जितना चेहरा खूबसूरत उससे ज्यादा खूबसूरत उसकी बाते ,
उसने धीरे से जवाब दिया लगभग 1 घंटे से ऊपर हो रहा हैं तुम्हारे बगल मे बैठे हुए इतना तो समझ आ ही जाता हैं जिससे हम बात कर रहे वो कैसा इंसान हैं
धीरे धीरे बाते शुरु हुई उसने एक दो अपने फेवरट सॉंग्स सुनाये एक इंग्लिश सॉंग था और एक शायद पंजाबी कुछ फोटोज दिखाई उसने जो हाल फिल्हाल उसने क्लिक की थी कुछ पेंटिग्स की पिक्स थी जो उसने बनाई थी ।
रास्ते मे एक जगह एक ढाबे मे बस रुकी 15-20 मिनट के लिए
उसने बोला नीचे नही चलोगे क्या? बस रुकी हुई हैं!
मैने पूछा तुम्हें कुछ खाना हो बताओ लादें !
उसने बहुत प्यार से बोला ऐसा नही हो सकता दोनों लोग एक साथ चले बाहर
उसकी बात सुनकर मुझे हॅसी आ गयी,
दोनों बाहर आये उसने अपना फोन और पर्स हमें थमाया और वाशरूम चली गयी,
अभी सिर्फ 2-3 घंटे ही हुए थे हमे साथ मे बैठे हुए पर कोई देख कर ये कह नही सकता था की सिर्फ दो घंटे की ये जान पहचान हैं
वो आई फिर हल्का फुल्का नास्ता किया
एक 600 मिलीलीटर कोल्ड ड्रिंक और 2 बर्गर लिए और बस मे चढ़ गये
सीट के पास जाकर मैने उसे विंडो सीट ऑफर की,
मॅन था तुम्हारा विंडो साइड बैठने का बैठ जाओ,
उसने मुस्कुराते हुए क्वेस्चन किया तुम्हें कैसे पता मेरा मॅन था?
मैने हॅसकर जवाब दिया बर्गर खाओ ठंडा हो जायगा
बर्गर खाया कोल्ड ड्रिंक खतम की
मेरे हाथ मे बर्गर का साअ्स और उसका आयल लग गया था
उसने अपना स्टाॅल दिया बोली लो हाथ पोछ लो
मैने मना कर दिया मेरे बैग मे हैंकी हैं स्टाॅल तुम चेहरा ढकने के लिए यूज करती होगी , उनसे ताना मारते हुए कहा हा भाई भला हमारा स्टाॅल क्यू यूज करोगे उसके स्टाॅल से हाथ साफ़ किए और बात करते करते मेरी कब आंख लग गई पता ही ना चला।
5 घंटे का रास्ता एक खूबसूरत सफ़र बन गया सबसे खास बात, ना उसे मेरा नाम मालूम और ना मुझे उसका, और ना पूछा हमने एक दूसरे से,
उसने रास्ते मे एक बार भी नही पूछा की मेरे फादर क्या करते हैं? घर कहा हैं? और गल फ्रेंड हैं की नही? जो एक कॉमन क्वेस्चन हैं हर इंसान पूछता हैं सबसे पहले
सोने के बाद का कुछ याद नही क्या हुआ
उसने जगाया और बोली दिल्ली आ गया!
मैं आगे चौराहे पे उतरुगी तुम बस स्टॉप मे उतर कर एक चाये पी लेना फ्रेश फील होगा
मुझे खुदपर बहुत तेज गुस्सा आ रही थी जो मुझे नींद आ गयी, मैने उससे बोला तुम्हें जगा देना चाहिये था अगर सो गये थे,
वो बोली काफ़ी थके हुए थे तुम, वैसे सोते हुए काफ़ी स्मार्ट लगते हो, मैने उसे बोला ये सब छोड़ो वहा से घर जाओगी इतनी रात मे कोई ऑटो वगैरा भी नही मिलेगा बस स्टॉप चलो वहा से ऑटो मिल जाएगे नही हम ड्रॉप कर देगे उसने जवाब दिया नही! मैने घर मे फोन कर दिया था कोई ना कोई आ गया होगा !
चलो बाए अपना ख्याल रखना मेरा स्टॉप आ गया ।
उसको देख कर लग रहा था वो
गले लगकर अलविदा कहना चाहती थी वो मुझसे मेरा नाम पूछना चाहती थी
पता नही ऐसा क्या था 5 घंटे के सफ़र मे पहली बार ऐसा हुआ किसी अजनबी के जाने मे दुख का अहसास हो रहा था
ना उसका नाम मालूम और ना घर फिर भी उसके जाने से एक तकलीफ़ सी महसूस हो रही थी
वो बस से उतरी कोई व्हाइट कार के बाहर खड़ा उसका वेट कर रहा था ,
उसकी निगाने सिर्फ मेरी विंडो की तरफ़ थी और शायद वो भी समझ रही थी की जो उसे फील हो रहा हैं वही मुझे भी हो रहा हैं
कार मे बैठते हुए उसे आखरी दफ़ा देखा और वो सिर्फ मेरी विंडो की तरफ़ देख रही थी और उसका चेहरा बिल्कुल उतरा हुआ था, और आंखे कुछ कहना चाहती थी ।
बस स्टॉप मे उतरकर सबसे पहले मैने चाए पी जबकि चाए मुझे बिल्कुल पसंद नही !
बिन बताये ना जाने उसने क्यू ये दूरी करदी मुझसे बिछड़कर उसने मोहब्बत अधूरी करदी अब मेरे मुकद्दर मे ग़म आये तो क्या हुआ खुदा ने उसकी खाइश तो पूरी करदी










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