14 Febuary black day for India
मोहब्बत का दिन था यारो , मोहब्बत सिखा गए
लहू से अपने भारत मां को सजा गए।
14 फरवरी 2019 की शाम 3:20 पर जम्मू के पुलवामा में सीआरपीएफ के एक काफिले में हुए आतंकवादी हमने में हमारे 44 जवान शहीद हो गए
करीब 48 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे ये हमला श्रीनगर जम्मू हाईवे पर हुआ था।
सीआरपीएफ के काफिले में बटालियन के करीब 2500 जवान और 70 गाडियां थी जो पुलवामा जिले के अवंती पूरा इलाके से गुजर रही थी तभी एक कार काफिले के एक बस से टकराई और एक आईईडी ब्लास्ट हुआ
सीआरपीएफ के एक बस के चीथड़े उड़ गए कई और गाडियां भी चपेट में आ गई कुछ जवानों ने बचने कि कोशिश कि तो आतंकवादीयो ने अधाधुंध गोली चला दी और फरार हो गए ये आत्म घाती हमला था हमले में इस्तेमाल गाड़ी स्कॉर्पियो थी जिसका नम्बर जम्मू का ही था गाड़ी चला रहा था आदिल जो 2018 में ही जैशे मोहम्मद नाम के एक आतंकवादी संगठन में शामिल हुआ था हमले में उसकी भी जान चली गए थी ।
घाटी के न्यूज चैनल में आतंकी संगठन ने हमने की जिम्मेदारी ली और आदिल की पहचान भी कि ।
हमले का पहले से अलर्ट भी था हमारे पास, सुरक्षा बलो को खुफिया एजेंसियों ने ऐतियात बरतने को कहा था , कहा था कि आईइडी ब्लास्ट हो सकता है। 8 फरवरी को जारी हुआ ये अलर्ट संसद भवन के हमले के दोषी अफजल गुरु और जेके एलएफ के संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट की फांसी की बरसी से ठीक पहले आया था। इसमें कहा गया था कि सुरक्षा बलो के आने जाने के रास्तों पर धमाका हो सकता है और इस अलर्ट के एक हफ़्ते के बाद ये धमाका हो गया ।
भिगो कर खून में वर्दी निशानी दे गए अपनी मोहब्बत मुल्क से सच्ची कहानी दे गए अपनी ।
मनाते रह गए कुछ भटके हुए लोग वेलेंटाइन डे यहां, वहा कश्मीर में सैनिक जवनी दे गए अपनी ।।
पर फर्क किसको पड़ता है, यहां तो किसी को खुद से फुर्सत ही नहीं है
हम आज अगर बेफिक्र होकर सोते है तो हमारे सैनिक रात भी सरहद में हमारी रक्षा के लिए जागते है बहुत ही अच्छा मिश्र याद आ रहा है हमें, कि जो पूरी रात जागे ये जरूरी तो नहीं कि आशिक ही होगा हमारे देश के सैनिक भी रात भर देश की हिफ़ाज़त में जगा करते है ।
उस मां के दिल से जाके पूछो जिसका बेटा शहीद हुआ, उस बच्चे से जाके पूछो जिसने अपने बाप को पुलवामा में खो दिया, उस बाप से जाके एक बार पूछो जिसका जवान बेटा हस्ते हस्ते देश के लिए अपनी जान देकर चला गया, उस पत्नी के दिल में क्या गुजरती होगी जिसकी सादी को एक साल भी ना हुआ था और उसका पति तिरंगे की सान बचाने में अपने प्राणों की आहुति दे दी ।
कभी उन बहनों के बहते हुए आशू से पूछो कि क्या होता होगा उनका हाल जिन्होंने अपना भाई खो दिया ।
इतना आसान नहीं है फौजी होना।
फौज की नौकरी एक नौकरी नहीं है ये एक जिम्मेदारी है देश की रक्षा की ।
फौजी भी कमाल के होते है
पर्स में परिवार और दिल में
देश रखते है ।
कौन कहता है कि भारत में सिर्फ 1427 शेर ही बचे है
13 लाख शेर आज भी बॉर्डर में तैनात है
वेलेंटाइन डे की खुशी में ये मत भूल जाना की इस दिन पुलवामा अटैक में हमने भारत के 44 वीर सपूत खोए थे ।
14 फरवरी ब्लैक डे
जमाने भर में मिलते है आशिक कई, मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता, नोटो में भी लिपट कर,सोने में सिमटकर मरे है कई, मगर तिरंगे से खूबसरत कोई कफ़न नहीं होता ।
सेना है तो हम है

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